प्रवीण कुमार Change your cover photoUpload Change your cover photoUpload Change your cover photo प्रवीण कुमार खुद के अल्फ़ाज़ को ऐसे लिखूँ कि अपनी लफ़्ज़े ही ख़ामोश हो जाए, उन्हीं ख़ामोशी में ही वो अपनी हर बात कहे जाए... This user account status is Approved 200 WittyCoins Posts Posts About About Comments Comments गाँव से शहर आए लड़के 9 months ago in: Hindi Poetry no comments